भैरव मंत्र
ॐ अनुकम्पाप्रदायै राधायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
असीम अनुकम्पा (दया) करने वाली श्री राधा।
इस मंत्र से क्या होगा?
ईश्वरीय दया की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय दया की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः
ॐ त्रिलोकपालाय नमः।
ॐ सर्वस्वामिने नमः
ॐ कराल्यै नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
दन्त कल्पलता पाश रत्नकुम्भ कुसोज्ज्वलम् । बन्धूक कमनीयाभं ध्यायेत् क्षिप्र गणाधिपम् ॥