शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ असुरान्तक चक्राय स्वाहा – कवचाय हुं
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपकवच-न्यास / असुरान्तक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
असुरों का अंत करने वाले चक्र को स्वाहा, वे मेरा कवच बनें। (बाह्य आक्रमणों से अभेद्य सुरक्षा)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र