शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ रविकोट्युदयप्रभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसूर्य-तेज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
करोड़ों सूर्यों के उदय के समान तेज वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक अंधकार का त्वरित नाश
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक अंधकार का त्वरित नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जितषड्वर्गमण्डलाय नमः
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ कृष्णप्रेमवतीकर्त्र्यै नमः
ॐ कृष्णानन्दविवर्धिन्यै नमः