शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ भायभूतापिशचघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपभूत-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूत-पिशाच और बुरी शक्तियों का नाश करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ऊपरी हवा, नजर-दोष और तंत्र-प्रयोग (Black magic) से मुक्ति
विस्तृत लाभ
ऊपरी हवा, नजर-दोष और तंत्र-प्रयोग (Black magic) से मुक्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते रामाय महापुरुषाय नमः
ॐ करमालानन्दकर्त्र्यै नमः
ॐ अग्नाविष्णू सजोषसेमा वर्धन्तु वां गिरः। द्युम्नैर्वाजेभिरागतम्॥
ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मने नमः।
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः