शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ दयानिधये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकरुणा-सागर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने शरणागतों के प्रति असीम दया के भंडार हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दया प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दया प्राप्ति
जप काल
दुःख के समय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वरप्रभवे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये त्रिलोकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ रक्तमालाविभूषाय नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा॥
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥