शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ धीराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपधैर्यवान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अपना धैर्य नहीं खोते।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धैर्य
विस्तृत लाभ
धैर्य
जप काल
संकट काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ कलाकाष्ठातनवे नमः।
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
अयं यः सृञ्जये पुरो दैववाते समिध्यते । द्युमाँ अमित्रदम्भनः ॥
ॐ धनागारं धनेश्वरी पातु।