शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
प्रत्यक्ष दर्शन मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम प्रत्यक्ष दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसाक्षात् दर्शन मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, मुझे अपना प्रत्यक्ष दर्शन दें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भैरव का साक्षात् अनुभव प्राप्त करने हेतु अघोर साधना
विस्तृत लाभ
भैरव का साक्षात् अनुभव प्राप्त करने हेतु अघोर साधना 11।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ सदाचाराय नमः
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श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18