शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ कङ्कालिने नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कंकाल की माला पहनने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नमः
ॐ वागीश्वर्यै नमः
ॐ जितक्रोधाय नमः
ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः
ॐ स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् वम् राम् वा ह्रौम् ह्रीम् राम् स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् क्षीम् क्षौम् धुम् हम् ह्लौम् ह्रीम् राम्॥