शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ कस्तूरीदाहजनन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कस्तूरी के धूप (सुगंधित धुएं) को उत्पन्न और स्वीकार करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धूप-दीप की अग्नि में पापों का भस्म होना
विस्तृत लाभ
धूप-दीप की अग्नि में पापों का भस्म होना।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ईशानाय नमः
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं रां श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।