ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

सर्व-कष्ट निवारण भैरव मंत्र

ॐ क्लीं वीं रूं ध्रूं घ्नीं ह्रीं बटुक भैरवाय नमः स्वाहा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारषडाक्षरी युक्त बटुक मंत्र / उग्र संरक्षण मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

बीज मंत्रों से युक्त भगवान बटुक भैरव को मैं आहुति (स्वाहा) और नमन अर्पित करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन की सभी समस्याओं और कष्टों का त्वरित निवारण

विस्तृत लाभ

जीवन की सभी समस्याओं और कष्टों का त्वरित निवारण 21।

जप काल

रुद्राक्ष माला से रात्रिकाल में जप।

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