ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भैरव मंत्र

ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम्

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारगजेन्द्र मोक्ष स्तुति मंत्र
स्वरूपपरब्रह्म (अनादि रूप)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

मैं उस परम भगवान को नमन करता हूँ जो इस चेतन जगत के मूल कारण हैं और जो स्वयं स्वयंभू हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अकाल मृत्यु से रक्षा, दुःस्वप्न का नाश और घोर संकटों (जैसे गजेन्द्र का मगरमच्छ से) से मोक्ष

विस्तृत लाभ

अकाल मृत्यु से रक्षा, दुःस्वप्न का नाश और घोर संकटों (जैसे गजेन्द्र का मगरमच्छ से) से मोक्ष 56।

जप काल

विपत्ति में फँसने पर या नित्य प्रातः काल।

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