भैरव मंत्र
ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम्
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं उस परम भगवान को नमन करता हूँ जो इस चेतन जगत के मूल कारण हैं और जो स्वयं स्वयंभू हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
अकाल मृत्यु से रक्षा, दुःस्वप्न का नाश और घोर संकटों (जैसे गजेन्द्र का मगरमच्छ से) से मोक्ष
विस्तृत लाभ
अकाल मृत्यु से रक्षा, दुःस्वप्न का नाश और घोर संकटों (जैसे गजेन्द्र का मगरमच्छ से) से मोक्ष 56।
जप काल
विपत्ति में फँसने पर या नित्य प्रातः काल।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विभूत्यै नमः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
ॐ दशग्रीवकुलान्तकाय नमः
ॐ कृपाधारायै नमः
ॐ वल्ली देवसेनासमेत श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः