शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ नारायणमनोहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविष्णु-प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री नारायण के मन को हरने वाले भानजे को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ
विस्तृत लाभ
वैष्णव और शैव दोनों ऊर्जाओं का कृपा-लाभ।
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ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमः
ॐ नित्यायै नमः
ॐ कङ्कालिने नमः।
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ अजाय नमः