शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ निर्विकाराय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विकारों से रहित शुद्ध बुद्ध स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दन्त कल्पलता पाश रत्नकुम्भ कुसोज्ज्वलम् । बन्धूक कमनीयाभं ध्यायेत् क्षिप्र गणाधिपम् ॥
ॐ निरञ्जनायै नमः
ॐ सुरसैन्यसुरक्षकाय नमः
ॐ पुष्ट्यै नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥