शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पुरुषाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शरीर रूपी नगर (पुर) में वास करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक बल और मानसिक दृढ़ता
विस्तृत लाभ
शारीरिक बल और मानसिक दृढ़ता 77
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भगवान्विष्णुः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥
ईशान्यां संहार भैरवाय नमः ईशाने मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
ॐ कबलीकृतमार्तण्डमण्डलाय नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः