शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण
विस्तृत लाभ
कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
ॐ अह्लादिनीदेव्यै नमः
ॐ नवनीतनावाहारय नमः
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ गोविन्दाय नमः