शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ करुणामृतसागरायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
करुणा और दया के अमृत का असीम सागर।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वरीय प्रेम और क्षमा की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय प्रेम और क्षमा की प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ सनातन्यै नमः
ॐ रोगनाशनाय नमः
विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥
ॐ पशुपालाय नमः