शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
मनोवांछित कार्य सिद्धि मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाम्य मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, मेरे मनोवांछित कार्यों को सिद्ध करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रुके हुए कार्यों को पूर्ण करने हेतु
विस्तृत लाभ
रुके हुए कार्यों को पूर्ण करने हेतु।
जप काल
नियमित जप 11।
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