राधावल्लभ सम्प्रदाय मूल मंत्र
ॐ श्री राधावल्लभाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री राधा के वल्लभ (प्रियतम कृष्ण) और स्वयं राधा को मेरा नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
अद्वैत प्रेम (युगल प्रेम रस) की गहरी अनुभूति और श्री राधावल्लभ जी की साक्षात कृपा
विस्तृत लाभ
अद्वैत प्रेम (युगल प्रेम रस) की गहरी अनुभूति और श्री राधावल्लभ जी की साक्षात कृपा 28।
जप काल
नित्य 108 बार, ध्यान-अवस्था में।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऋषिप्रवरवन्द्याय नमः
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
हरि राम हरि राम, राम राम हरि हरि (Hari Ram Hari Ram, Rama Rama Hari Hari)
ॐ विश्वरूपप्रदर्शकाय नमः
ह स ख म ल व र यूं आनंद भैरवाय स्वाहा।
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥