शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
सूक्ष्मातिसूक्ष्मं कलिलस्य मध्ये विश्वस्य स्रष्टारमनेकरूपम्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सूक्ष्म से भी सूक्ष्म है और अनेक रूपों में विश्व का स्रष्टा है, उसे जानकर शांति मिलती है
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