शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम्। येन पश्यति नेत्राभ्यां तत्प्रियं श्यामसुन्दरम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकृपा-कटाक्ष/स्तोत्र मंत्र।
स्वरूपश्यामसुन्दर-मिलन कारिणी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
इस पाठ से संतुष्ट होकर श्री राधा तुरंत ऐसा महावरदान देती हैं, जिससे साधक अपने नेत्रों से उनके प्रियतम श्यामसुन्दर के दर्शन करता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
लाभ: श्यामसुन्दर (कृष्ण) के दर्शन
विस्तृत लाभ
लाभ: श्यामसुन्दर (कृष्ण) के दर्शन।
टिप्पणी
यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का
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