शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ दिव्याङ्गायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपदिव्यांगा
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दिव्य और स्वस्थ शरीर की प्राप्ति (विद्या के लिए)
विस्तृत लाभ
दिव्य और स्वस्थ शरीर की प्राप्ति (विद्या के लिए)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
थुतिप्पोरक्कु वल्विणैपोम् तुन्बम्पोम् नेञ्जिल् पतिप्पोरक्कु सेल्वम् पलिथ्थुक्
आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽथ बिल्वः। तस्य फलानि तपसानुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः॥
शूलटङ्कपाशदण्डपाणिमादिकारणं श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम्।
ॐ प्रभवाय नमः
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥