शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ दुर्गमज्ञानसंस्थानायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अत्यंत दुर्गम ज्ञान की अधिष्ठात्री एवं संस्थान (केंद्र) हैं।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ सर्वनेत्रे नमः
ॐ गोविंदां-पतये नमः
ॐ करदानपरायणायै नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
य्लूं (Ylūm)