शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ पद्ममुख्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल के समान खिले हुए मुखमंडल वाली देवी को नमन 57।
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ॐ ईशानाय नमः
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
ॐ शङ्खोपमषड्गल्सुप्रभाय नमः
ॐ तुलसीदामभूषणाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः