शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ गुहावासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपगुह्य निवासी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो साधक की हृदय-गुहा (हृदय की गहराइयों) में छिपे रहते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्म-मंथन
02
बाहर की दुनिया से कटकर स्वयं के भीतर ईश्वरीय तत्त्व की खोज
विस्तृत लाभ
आत्म-मंथन; बाहर की दुनिया से कटकर स्वयं के भीतर ईश्वरीय तत्त्व की खोज।
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ॐ क्रियायै नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
ॐ लोकाध्यक्षाय नमः
ॐ मणिपूरैकनिलयायै नमः
ॐ विष्णुप्रियाय नमः
ॐ अनेकसुरसेविने नमः।