शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वामनप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविष्णु-अवतारी प्रिय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान वामन (विष्णु) को प्रिय देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अहंकार का दमन और विनम्रता का विकास
विस्तृत लाभ
अहंकार का दमन और विनम्रता का विकास।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ शुद्धनीलाञ्जनप्रख्याय नमः।
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः
ॐ शम्भवे नमः
ॐ जगद्गुरवे नमः