शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपब्रह्मचारिणी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ब्रह्म में विचरने वाली
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ब्रह्मविद्या और तप की वृद्धि
विस्तृत लाभ
ब्रह्मविद्या और तप की वृद्धि
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ॐ श्रीं विद्या लक्ष्म्यै नमः।
ॐ स्मरान्तकाय नमः।
ॐ भक्तसाम्राज्यभोगदाय नमः
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
ॐ कर्पूरकारणाह्लादायै नमः