एकदंत स्वरूप श्लोक
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनका एक दांत है, विशाल शरीर है, जिनका वर्ण तपे हुए स्वर्ण के समान है, जिनका उदर बड़ा है और नेत्र विशाल हैं, ऐसे गणनायक को मैं नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में भौतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का विकास
विस्तृत लाभ
जीवन में भौतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का विकास।
जप काल
गणेश उत्सव के दौरान सामूहिक गान।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः । सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥
ॐ गोपिकाश्रेष्ठायै नमः
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
असौ योऽवसर्पति नीलग्रीवो विलोहितः। उतैनं गोपा अदृशन्नदृशन्नुदहार्यः। उतैनं विश्वा भूतानि स दृष्टो मृडयाति नः॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सप्तव्याहृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः