ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गणेश मंत्र

श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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तीनों लोकों का ज्ञान, त्रिकाल दृष्टि और परम विवेक की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

तीनों लोकों का ज्ञान, त्रिकाल दृष्टि और परम विवेक की प्राप्ति।

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