शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ लोकात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपलोकों की आत्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सम्पूर्ण लोकों के भीतर उनकी आत्मा के रूप में निवास करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्मज्ञान
विस्तृत लाभ
आत्मज्ञान
जप काल
ध्यान
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥
ॐ क्लैब्यनाशिन्यै नमः
ॐ अप्रमेयाय नमः
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
ॐ सर्वदेवनिषेवितायै नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः