शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
पाशाङ्कुशापूप कुठारदन्तं चञ्चत्करकॢप्त वराङ्गुलीयकम् । पीतप्रभं कल्पतरोरधस्थं भजामि नृत्तोपपदं गणेशम् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में अपार सफलता
विस्तृत लाभ
कला, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में अपार सफलता।
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