शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
योगारूढो योगपट्टाभिरामः बालार्कभाश्च नीलांगशुकः । पाशेक्ष्वाक्षान् योगदण्डं दधानः पायान्नित्यं योगविघ्नेश्वरः नः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
योग में सिद्धि, आध्यात्मिक एकाग्रता और चक्रों का जागरण
विस्तृत लाभ
योग में सिद्धि, आध्यात्मिक एकाग्रता और चक्रों का जागरण।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शरपञ्जरभेदकाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये जननमरणतारकः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कवये नमः
ॐ नन्दिन्यै नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।