अगजानन ध्यान मंत्र
अगजानन पद्मार्कं गजाननमहर्निशम् । अनेकदन्तं भक्तानाम् एकदन्तमुपास्महे ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो पार्वती के मुख रूपी कमल के लिए सूर्य के समान हैं, जो गजानन हैं, और जो भक्तों को अनेक वरदान देने वाले हैं, उन एकदंत की हम दिन-रात उपासना करते हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
इष्ट के प्रति अटूट भक्ति में वृद्धि और ईश्वरीय प्रेम की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
इष्ट के प्रति अटूट भक्ति में वृद्धि और ईश्वरीय प्रेम की प्राप्ति।
जप काल
प्रातःकाल या संध्या वंदन के समय श्लोक गान।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कपिलायै नमः
ॐ नं रूं अनादिशक्तिधाम्ने अघोरात्मने मध्यमाभ्यां नमः
यँ यँ हनुमते फल फक्रिया हौत धग् धग् आयुरस्व प ख हेति फट्॥
ॐ अघोररूपाय नमः।
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥