भार्गव कवच (वीर-रक्षक)
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
बिना कवच से ढके अंगों वाले बड़े-बड़े वीर भी युद्ध कैसे जीत सकते हैं? (अर्थात नहीं जीत सकते)। भगवान राम (परशुराम) के इस अभेद्य कवच से रक्षित व्यक्ति को देखकर शत्रु स्वतः भयभीत होकर भाग जाते हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
युद्ध, दुर्घटना या भारी प्रतिस्पर्धा में पूर्ण सुरक्षा और अभय की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
युद्ध, दुर्घटना या भारी प्रतिस्पर्धा में पूर्ण सुरक्षा और अभय की प्राप्ति।
जप काल
घर से किसी विशेष कार्य हेतु निकलते समय पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ सर्वपुण्यायै नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
ॐ गुल्फौ गोपालवल्लभा पातु।