शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम ज्ञानी भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीक्ष्ण बुद्धि और विद्या में श्रेष्ठता
विस्तृत लाभ
तीक्ष्ण बुद्धि और विद्या में श्रेष्ठता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ विक्रान्तायै नमः
ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः
विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
ॐ शितिकण्ठाय नमः