हनुमान मंत्र
अनेकमन्त्रनादमञ्जुनूपुरारवस्खलत्समाजराजहंसवंशणिक्वाणातिगौरवे। विलोलहेमवल्लरीविडम्बिवारुचङ्क्रमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
जिनके नूपुरों की झंकार से वेद-मंत्रों की ध्वनि गूंजती है और जिनकी चाल स्वर्ण-लता को भी मात देती है, ऐसी राधे मेरी ओर देखें।
इस मंत्र से क्या होगा?
लाभ: मंत्र-सिद्धि
विस्तृत लाभ
लाभ: मंत्र-सिद्धि।
टिप्पणी
यहाँ इस सिद्ध स्तोत्र के सभी 19 श्लोकों को मंत्र रूप में, उनके अर्थ और लाभ सहित प्रस्तुत किया गया है। सभी का
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ योगिने नमः
ॐ भक्तसाम्राज्यभोगदाय नमः
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं लाट भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः
ॐ क्लीं ॐ श्रीं विजय लक्ष्म्यै नमः।