शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ अणिमादिसिद्धिदात्र्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अणिमा आदि अष्ट-सिद्धियाँ प्रदान करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यौगिक और तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
यौगिक और तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
उत स्या नः सरस्वती घोरा हिरण्यवर्तनिः। वृत्रघ्नी वष्टि सुष्टुतिम्॥
ॐ कान्तायै नमः
ॐ यज्ञेशाय नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ विश्वाकाराय नमः
यामिषुं गिरिशन्त हस्ते बिभर्ष्यस्तवे। शिवां गिरित्र तां कुरु मा हिंसीः पुरुषं जगत्॥