शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शतकोटिरविप्रभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतेज स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सौ करोड़ सूर्यों के समान तेज वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अत्यधिक आलस्य और दरिद्रता के अंधकार का नाश
विस्तृत लाभ
अत्यधिक आलस्य और दरिद्रता के अंधकार का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चन्द्रः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सर्वविद्यासम्पत्प्रदायकाय नमः
आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽथ बिल्वः। तस्य फलानि तपसानुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ मधुघ्ने नमः
ॐ गोविंदां-पतये नमः