शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ भर्गाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपपाप-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी पापों को भस्म कर देते हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पापों का भस्म होना
विस्तृत लाभ
पापों का भस्म होना
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कामपालाय नमः
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ मातङ्ग्यै नमः
ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ जनार्दनाय नमः