शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ भूतभव्यभवत्प्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समय और मृत्यु के भय से मुक्ति
विस्तृत लाभ
समय और मृत्यु के भय से मुक्ति 22
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ॐ करप्रियायै नमः
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥
ॐ परतत्त्वाय नमः
ॐ अध्यात्मयोगकुशलाय नमः