हनुमान मंत्र
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः ॐ देवलक्ष्म्यै नमः ॐ सर्वोपद्रवनिवारिण्यै नमः।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
गंभीर आर्थिक संकटों, महामारियों और उपद्रवों का तत्काल शमन
विस्तृत लाभ
गंभीर आर्थिक संकटों, महामारियों और उपद्रवों का तत्काल शमन 41।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सीताशोकनिवारणाय नमः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
ॐ कमलानन्दकर्त्र्यै नमः
ॐ अनीश्वराय नमः
ॐ कृष्णकेल्यै नमः
पाशाङ्कुशापूप कपित्थजम्बू फलं तिलान् वेणुमपि स्वहस्तैः । धृतः सदासौ तरुणः अरुणाभः पायात्सयुष्मान् तरुणो गणेशः ॥