शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ हरये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के दुखों को हर लेते हैं, उन श्री हरि को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
ॐ अन्धकासुरसूदनाय नमः
ॐ हरये नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ प्राणदाय नमः
ॐ दैत्यकालाय नमः।