शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हरिद्रा गणेश बीज मंत्र
ॐ हुं गं ग्लौं ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपहरिद्रा गणेश (हल्दी वर्ण)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बीजाक्षरों का ध्वनि-तात्विक अर्थ होता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विवाह में आने वाली बाधाओं का नाश और गुप्त शत्रुओं पर विजय
विस्तृत लाभ
विवाह में आने वाली बाधाओं का नाश और गुप्त शत्रुओं पर विजय।
जप काल
हल्दी की माला से पीत वस्त्र धारण कर।
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ॐ भ्रां भ्रां भ्रां भैरवाय नमः।
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काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ मायानर्जितरक्षसे नमः
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17
ॐ लोकात्मने नमः