शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ जगन्नाथाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
समस्त जगत के एकमात्र नाथ
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विश्वव्यापी सम्मान और प्रसिद्धि
विस्तृत लाभ
विश्वव्यापी सम्मान और प्रसिद्धि 23
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ रामाय नमः
ॐ प्रतापवते नमः
ॐ परन्तपाय नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वैभवलक्ष्म्यै नमः।