शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपजाम्बवान-सखा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वृद्ध जाम्बवान के हृदय में अपने प्रति अपार प्रेम और सम्मान बढ़ाने वाले।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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