जयन्ती मङ्गला काली
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र विजय शालिनी, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा... रूपों में आप ही प्रतिष्ठित हैं; हे देवी, आपको नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण
विस्तृत लाभ
समस्त पापों का नाश, विजय और कल्याण।
जप काल
किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ कृतिने नमः
ॐ पितृवाहनाय नमः
ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥
ॐ पञ्चाननाय नमः