शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ कालकण्ठायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत मधुर और गंभीर (परिवर्तनकारी) स्वर वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाक्-सिद्धि और मंत्र-जप में प्रभाव की वृद्धि
विस्तृत लाभ
वाक्-सिद्धि और मंत्र-जप में प्रभाव की वृद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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सीसं च मे त्रपु च मे श्यामं च मे लोहं च मे...
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥
ॐ वीरघ्नाय नमः
ॐ कामिने नमः
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।