शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पश्चिम रक्षा
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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