शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ लोकसुन्दर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तीनों लोकों में सबसे सुंदर (अतुलनीय सौंदर्य वाली) देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कलिपूज्यायै नमः
ॐ गोपगोपीश्वराय नमः
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्॥
जो अदम्य साहस वाले परम वीर हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: साहस और निर्भयता) 19।
ॐ भूतादये नमः