शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ नागभूषणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशिव-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्पों का आभूषण धारण करने वाले शिवपुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुंडलिनी-सर्पिणी का सुरक्षित जागरण
विस्तृत लाभ
कुंडलिनी-सर्पिणी का सुरक्षित जागरण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः।
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ पञ्चकूटायै नमः
इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥
ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः