शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पश्चिम मुख (गरुड़) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारपंचमुखी साधना मंत्र (पश्चिम मुख)
स्वरूपपंचमुखी हनुमान (गरुड़ मुख)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पश्चिम दिशा की ओर देखने वाले महा-गरुड़ मुख को नमस्कार है, जो सभी प्रकार के विषों और नकारात्मकताओं का हरण करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काले जादू (Black Magic), शारीरिक विष, सर्प-भय और असाध्य रोगों का शमन
विस्तृत लाभ
काले जादू (Black Magic), शारीरिक विष, सर्प-भय और असाध्य रोगों का शमन 10।
जप काल
पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ध्यान।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र